orange / Santara (1kg pack)


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  • 500  gm
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  • 1  Kg
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Product Information

सिर्फ भारत में ही नहीं

संतरा पूरे विश्व में पाया जाता है

विश्व के अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग प्रकार के संतरे पाये जाते हैं।संतरा खाने से आपका शरीर फिट तो रहता ही है

साथ ही साथ ये रोगों को दूर रखने में भी मददगार होता है। इतना ही नहीं

संतरे में मौजूद विटामिन सी और डी सर्दियों में आपको तरोताजा रखता है। संतरे के जूस के फायदें सर्दियों में संतरे जैसा फल

बहुत ही आसानी से उपलब्ध होता है। यह सिर्फ स्वाद की ही दृष्टि से नहीं

बल्कि स्वास्‍थ्‍य की दृष्टि से भी अच्छा होता है।संतरे में मैग्नीशियम और पोटैशियम अधिक मात्रा में होती है

इसलिए यह उच्चक्तचाप के मरीज़ों के लिए अच्छा‍ है।विटामिन सी की अधिक मात्रा होने के कारण

संतरे के सेवन से प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बनती है और कोल्ड और फ्लू जैसे संक्रमण का खतरा कम होता है।प्रतिदिन संतरे के जूस का सेवन से किसी भी प्रकार के कैंसर की संभावना कम होती है क्योंकि संतरे के जूस में एण्टीआक्सिडेंट्स अधिक मात्रा में पाये जाते हैं।गठिया के मरीज़ भी संतरे के जूस का सेवन कर सकते हैं। इससे किसी प्रकार के दर्द से आराम मिलता है और वज़न भी नियंत्रित रहता है। संतरे के जूस में फोलेट पाया जाता है और फोलेट घावों को भरने में और नये सेल्स के निर्माण में मदद करता है। कैसे बनायें संतरे का जूस अपने टेबल काउंटर पर संतरों को हथेलियों से अच्छे तरीके से

कस के दबाएँ या घुमाएँ जिससे कि वो नर्म हो जाएँ। संतरे के दो टुकड़े करें और बीज हटा दें। अगर बीज नहीं चाहते हों तो नैवेल(navel) संतरों का उपयोग करें। संतरे के आधे टुकड़े को हाथ में लेकर एक साधारण जूसर के सहारे दबा कर पूरा जूस निकाल लें। अगर आप एक हैण्ड जूसर का उपयोग कर रहे हैं तो संतरे को एक चम्मच के सहारे अच्छी तरह छील कर गूदा(pulp) सीधे-सीधे जूस में मिला दें। अगर आपको साफ़ जूस ज्यादा पसंद है तो जूस को पीने से पहले किसी छन्नी से छान लें। ज्यादा अच्छे स्वाद के लिए एक चुटकी नमक या चीनी जूस में मिला दें। संतरे के जूस में कैलोरी अधिक मात्रा में होती है इसलिए इसका सेवन बहुत अधिक मात्रा में ना करें। खाना खाने के तुरंत बाद या खाना खाने से तुरंत पहले

संतरे का जूस का सेवन नहीं करना चाहिए। एसिडिटी के मरीज़ों को संतरे का जूस नहीं पीना चाहिए। जूस के सेवन का अर्थ यह नहीं है कि आप किसी भी जगह से या किसी भी समय जूस ले सकते हैं। जूस हमेशा किसी ऐसे स्थान से पीयें जहां सफाई से जूस बना सया जा रहा ह न प्रतिभागियों के रक्त में विटामिन 'सी' के स्तर की जांच की गई और जिससे पता चला कि 41 प्रतिशत लोगों में विटामिन सी का स्तर सामान्य था

वहीं बाकी 45 प्रतिशत लोगों में विटामिन सी का स्तर समाप्त हो चुका था

जबकि बाकी बचे 14 प्रतिशत लोगों में विटामिन सी की कमी पायी गयी।यह भी देखा गया कि औसतन उन लोगों को स्ट्रोक हुआ था

जिनमें विटामिन 'सी' खतम हो चुका था

जबकि वे लोगों जिनमें विटामिन 'सी' का स्तर सामान्य था

उन्हें स्ट्रोक नहीं हुआ था। इस अध्यन के सह लेखक स्टीफेन वैनीर ने कहा कि

"हमारे परिणाम दर्शाते हैं कि विटामिन 'सी' की कमी को भी कुछ प्रकार के स्ट्रोक का कारण माना जाना चाहिए।" वेनीर ने बताया कि विटामिन 'सी' के कई अतिरिक्त लाभ भी हैं

जैसे कि यह हड्डियों

त्वचा और ऊतकों में पाए जाने वाले `कोलेजन` नामक प्रोटीन का निर्माण भी करता है। विटामिन 'सी' की कमी का संबंध हृदयाघात से भी होता है। यह अध्ययन अमेरिकन अकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी की 66वीं वार्षिक बैठक के दौरान प्रस्तुत किया जाना है। गौरतलब है कि रक्तस्त्रावी स्ट्रोक

स्कीमिक स्ट्रोक की तुलना में कम होने वाली समस्या है

लेकिन प्राय: यह जानलेवा होता ह